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अंतर्राष्ट्रीय मानवाधिकार अधिवेशन 2026 में भाग लेंगे सुप्रीम कोर्ट के स्पेशल काउंसिल डॉ. मनोज गोर्केला

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Posted by WHRRC | September 23, 2026

नई दिल्ली। विधि एवं न्याय के क्षेत्र में विशिष्ट पहचान रखने वाले वरिष्ठ विधि विशेषज्ञ एवं सुप्रीम कोर्ट ऑफ इंडिया में मध्य प्रदेश एवं छत्तीसगढ़ सरकार के स्पेशल काउंसिल डॉ. मनोज गोर्केला विश्व मानवाधिकार अनुसंधान परिषद् (WHRRC) द्वारा आयोजित अंतर्राष्ट्रीय मानवाधिकार अधिवेशन 2026 में भाग लेंगे। मानवाधिकार, न्याय, शांति, अनुसंधान, जन-जागरूकता की व्यापक थीम पर आयोजित इस महत्वपूर्ण अधिवेशन में डॉ. मनोज गोर्केला की गरिमामयी सहभागिता आयोजन की प्रतिष्ठा और गरिमा को और बढ़ाएगी।

भारत के सीमावर्ती एवं दुर्गम जनजातीय क्षेत्र मुंशियारी, पिथौरागढ़ से अपने जीवन की यात्रा शुरू करने वाले डॉ. मनोज गोर्केला ने कठिन परिस्थितियों के बीच अपनी शिक्षा एवं विधिक क्षेत्र में उल्लेखनीय पहचान बनाई। भारी बर्फबारी और दुर्गम भौगोलिक परिस्थितियों के कारण वर्ष के कई महीनों तक विद्यालय तक पहुंचना भी कठिन था, लेकिन इन चुनौतियों के बावजूद उन्होंने शिक्षा के प्रति अपनी प्रतिबद्धता बनाए रखी। वे अपने परिवार की पहली पीढ़ी के अधिवक्ता बने और आगे चलकर जनजातीय क्षेत्र से डिप्टी एडवोकेट जनरल के पद तक पहुंचने वाले प्रमुख विधि विशेषज्ञों में शामिल हुए।

डॉ. गोर्केला ने Lucknow University से विधि की शिक्षा प्राप्त की तथा Karnatak University से उन्हें LL.D. (Hon.) की मानद उपाधि से सम्मानित किया गया। वर्तमान में वे मध्य प्रदेश एवं छत्तीसगढ़ सरकार के स्पेशल काउंसिल के रूप में कार्यरत हैं। इससे पूर्व वे UT Chandigarh के Standing Counsel के रूप में भी सेवाएं दे चुके हैं। उन्होंने Council of Architecture सहित विभिन्न महत्वपूर्ण संस्थाओं एवं प्रमुख मामलों में पक्ष रखा है। वर्ष 2017 में मध्य प्रदेश सरकार ने उन्हें लाखों सरकारी कर्मचारियों से संबंधित नए सरकारी कर्मचारी नियमों के प्रारूप तैयार करने की जिम्मेदारी भी सौंपी थी।

विधिक क्षेत्र में उनके अनुभव का विस्तार न्यायपालिका, प्रशासन, शिक्षा एवं प्रशिक्षण तक रहा है। उन्होंने National Judicial Academy में CBI Court के न्यायाधीशों, IPS अधिकारियों, AIIMS तथा भारतीय सेना के जवानों सहित विभिन्न वर्गों को विधि एवं संबंधित विषयों पर व्याख्यान दिए हैं। सुप्रीम कोर्ट ऑफ इंडिया में उन्होंने चर्चित Bitcoin मामले में सरकार का प्रतिनिधित्व किया है तथा जनजातीय समुदायों एवं प्रो बोनो मामलों से जुड़े कार्यों के लिए भी उनकी पहचान रही है।

अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी डॉ. मनोज गोर्केला को विभिन्न प्रतिष्ठित संस्थानों में व्याख्यान एवं शैक्षणिक सहभागिता के अवसर प्राप्त हुए हैं। वे United Nations, Geneva, UNO New York, Columbia University, Washington DC University, University of the Fraser Valley, Canada तथा Parliament of the United Kingdom जैसे प्रतिष्ठित अंतरराष्ट्रीय संस्थानों एवं मंचों से जुड़े कार्यक्रमों में आमंत्रित रहे हैं। अंतरराष्ट्रीय विधिक व्यवस्थाओं को समझने के उद्देश्य से उन्होंने Japan, France, Switzerland सहित विभिन्न देशों की यात्रा की है तथा International Court of Justice और Harvard University का भी दौरा किया है।

डॉ. मनोज गोर्केला का विधिक कार्य केवल पेशेवर दायित्वों तक सीमित न होकर समाज के वंचित एवं जरूरतमंद वर्गों तक न्याय की पहुंच सुनिश्चित करने की भावना से भी जुड़ा रहा है। उनका मानना है कि विधिक सेवा का उद्देश्य केवल आर्थिक लाभ तक सीमित नहीं होना चाहिए, बल्कि जरूरतमंद लोगों को न्याय एवं उचित कानूनी सहायता उपलब्ध कराने की भावना भी उसमें शामिल होनी चाहिए।

विश्व मानवाधिकार अनुसंधान परिषद् द्वारा आयोजित अंतर्राष्ट्रीय मानवाधिकार अधिवेशन 2026 मानवाधिकार, न्याय, शांति, अनुसंधान और जन-जागरूकता की मूल भावना को समर्पित एक महत्वपूर्ण आयोजन है। विभिन्न क्षेत्रों से प्रतिष्ठित व्यक्तित्वों की सहभागिता इस अधिवेशन को विशिष्ट स्वरूप प्रदान करेगी। डॉ. मनोज गोर्केला की गरिमामयी उपस्थिति इस अंतर्राष्ट्रीय अधिवेशन की प्रतिष्ठा और गरिमा को और बढ़ाएगी।



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