WELCOME TO WHRRC WHATSAPP HELPLINE +91 8510888811
JOIN US
WhatsApp

विश्व मानवाधिकार अनुसंधान परिषद् द्वारा प्रोजेक्ट “RESEARCH FOR REALITY” का शुभारंभ

project

Posted by WHRRC | September 07, 2026

नई दिल्ली, 07 सितंबर 2026। कानून और नीतियों में दर्ज प्रावधानों तथा उनके वास्तविक धरातलीय क्रियान्वयन के बीच मौजूद अंतर को समझने, उसका वैज्ञानिक एवं तथ्यात्मक अध्ययन करने तथा सुधार के लिए ठोस सुझाव प्रस्तुत करने के उद्देश्य से विश्व मानवाधिकार अनुसंधान परिषद् (WHRRC) द्वारा “RESEARCH FOR REALITY” नामक महत्वपूर्ण शोध परियोजना का शुभारंभ किया गया। परियोजना का उद्घाटन सुप्रीम कोर्ट के स्पेशल काउंसिल डॉ. मनोज गोर्केला द्वारा किया गया। इस अवसर पर देश के विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े विधि विशेषज्ञों, अधिवक्ताओं, शिक्षाविदों, शोधकर्ताओं एवं विषय विशेषज्ञों ने सहभागिता की।

प्रोजेक्ट RESEARCH FOR REALITY का मूल उद्देश्य उन विषयों पर गहन एवं व्यावहारिक शोध करना है, जहां किताबों और कानूनों में निर्धारित व्यवस्था तथा वास्तविक जमीनी स्थिति के बीच अंतर दिखाई देता है। परिषद् द्वारा चयनित विद्वान संबंधित विषयों का तथ्यात्मक, कानूनी और व्यावहारिक अध्ययन करेंगे तथा अपनी शोध रिपोर्ट संबंधित आयोगों, संस्थानों एवं नीति-निर्माण से जुड़े पक्षों के समक्ष प्रस्तुत करेंगे। परियोजना का उद्देश्य केवल समस्याओं को चिन्हित करना नहीं, बल्कि उनके संभावित समाधान और कानूनों एवं नीतियों को धरातल पर अधिक प्रभावी बनाने के लिए व्यावहारिक एवं सुधारात्मक सुझाव प्रस्तुत करना भी है।

परिषद् द्वारा इस परियोजना के लिए विशेष रूप से प्रशिक्षित एवं विषय विशेषज्ञ विद्वानों की एक शोध टीम विकसित की जा रही है। इस टीम में विभिन्न क्षेत्रों के प्रख्यात विधि विशेषज्ञ, अधिवक्ता, विधि शिक्षक, लेखक, नीति विशेषज्ञ एवं अन्य विषयों के अनुभवी विद्वानों को शामिल किया जाएगा, ताकि प्रत्येक विषय का अध्ययन संबंधित क्षेत्र की विशेषज्ञता रखने वाले व्यक्तियों द्वारा किया जा सके। परिषद् का मानना है कि जटिल सामाजिक एवं कानूनी समस्याओं का प्रभावी समाधान केवल सामान्य अध्ययन से संभव नहीं है; इसके लिए विशेषज्ञता, तथ्य, कानून, शोध और जमीनी अनुभव का समन्वय आवश्यक है।

अनुसंधान कार्यक्रम के प्रथम चरण के लिए चयनित प्रमुख विद्वानों में देश के प्रख्यात विधि विशेषज्ञ, अधिवक्ता, विधि शिक्षक, लेखक एवं प्रेरक वक्ता डॉ. मनमोहन जोशी (एम.जे. सर); जेल सुधार एवं जेल कानून के विशेषज्ञ तथा तिहाड़ जेल के पूर्व विधि अधिकारी श्री सुनील कुमार गुप्ता; खेड़ा जिला उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग के सदस्य-न्यायाधीश डॉ. संदीप कुमार आर. पांड्या; एलएनयुपीई के पूर्व अधिकारी, प्रोफेसर, अधिवक्ता एवं लेखक डॉ. आर. एस. चौहान; संयुक्त राष्ट्र के पूर्व विशेषज्ञ, अंतर्राष्ट्रीय नीति विशेषज्ञ, कृषि-व्यवसाय एवं संरचित बाजार विशेषज्ञ तथा लेखक डॉ. भारत कुलकर्णी; अंतर्राष्ट्रीय कानून के विद्वान एवं प्रसिद्ध अधिवक्ता श्री नवीन शेलर; विधि विशेषज्ञ एवं शिक्षाविद् डॉ. वैशाली माथुर; तथा दिल्ली की असिस्टेंट प्रोफेसर ऑफ लॉ डॉ. पूजा सांगवान सहित अन्य प्रतिष्ठित विद्वानों को शामिल किया गया है।

यह विशेषज्ञ टीम विभिन्न महत्वपूर्ण सामाजिक, कानूनी, प्रशासनिक एवं नीतिगत विषयों पर स्वतंत्र एवं विषय-विशेषज्ञ आधारित अनुसंधान करेगी। शोध के दौरान कानूनी प्रावधानों, नीतियों, उपलब्ध आंकड़ों, संस्थागत व्यवस्था और जमीनी स्तर पर उनके वास्तविक प्रभाव का अध्ययन किया जाएगा। आवश्यकता के अनुसार संबंधित क्षेत्र के हितधारकों एवं प्रभावित वर्गों से प्राप्त अनुभवों को भी शोध का हिस्सा बनाया जाएगा, ताकि रिपोर्ट केवल सैद्धांतिक न होकर वास्तविक परिस्थितियों को प्रतिबिंबित कर सके।

परिषद् द्वारा इन शोध कार्यों को आगामी राष्ट्रीय अधिवेशन, नई दिल्ली में प्रस्तुत किया जाएगा, जहां संबंधित विषयों से जुड़े आयोगों एवं संस्थानों के प्रतिनिधियों के समक्ष विशेषज्ञों द्वारा अपनी रिसर्च रिपोर्ट एवं प्रमुख निष्कर्ष प्रस्तुत किए जाएंगे। शोधकर्ताओं द्वारा केवल समस्या की पहचान तक सीमित न रहते हुए व्यवस्था में सुधार, बेहतर क्रियान्वयन और कानूनों को अधिक प्रभावी बनाने के लिए विशेष एवं व्यावहारिक सुझाव भी प्रस्तुत किए जाएंगे। परिषद् का प्रयास होगा कि इन शोध निष्कर्षों को संबंधित संस्थाओं तक पहुंचाकर उन्हें नीति एवं व्यवस्था में सकारात्मक सुधार के लिए उपयोगी बनाया जा सके।

इस अवसर पर डॉ गोर्केला ने कहा कि “RESEARCH FOR REALITY” का उद्देश्य कानून की पुस्तकों और वास्तविक जीवन के बीच मौजूद दूरी को समझना और उस दूरी को कम करने के लिए शोध को समाधान का माध्यम बनाना है। किसी भी कानून की वास्तविक सफलता केवल उसके बनाए जाने में नहीं, बल्कि इस बात में है कि उसका लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक किस प्रभावशीलता के साथ पहुंच रहा है। इसी दृष्टिकोण के साथ WHRRC शोध, विशेषज्ञता और जमीनी अनुभव को एक मंच पर लाकर वास्तविक सुधार की दिशा में कार्य करेगा।

RESEARCH FOR REALITY के माध्यम से विश्व मानवाधिकार अनुसंधान परिषद् ने शोध को केवल अकादमिक गतिविधि तक सीमित न रखते हुए उसे नीति, कानून और जमीनी सुधार से जोड़ने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल की है। परिषद् का लक्ष्य है कि विशेषज्ञों द्वारा किए गए अनुसंधान से प्राप्त तथ्य और सुझाव संबंधित संस्थानों तक पहुंचें और उनके आधार पर कानून एवं नीतियों के प्रभावी क्रियान्वयन तथा आवश्यक सुधार की दिशा में सार्थक कदम उठाए जा सकें।



← Back to project
Latest Member
ONLINE USER 318