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विश्व मानवाधिकार अनुसंधान परिषद् द्वारा प्रोजेक्ट “MISSION NEW LIFE” का शुभारंभ

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Posted by WHRRC | September 11, 2026

नई दिल्ली, 11 सितंबर 2026। विश्व मानवाधिकार अनुसंधान परिषद् (WHRRC) द्वारा जेलों में निरुद्ध बंदियों के मानवाधिकारों की रक्षा, न्याय तक उनकी पहुंच, कानूनी सहायता, समस्याओं के समाधान तथा पुनर्वास एवं सामाजिक पुनर्स्थापन के उद्देश्य से “MISSION NEW LIFE” नामक महत्वपूर्ण मानवीय प्रोजेक्ट का शुभारंभ किया गया। इस परियोजना का औपचारिक शुभारंभ तिहाड़ जेल, नई दिल्ली के पूर्व विधि अधिकारी श्री सुनील कुमार गुप्ता द्वारा किया गया। प्रोजेक्ट का उद्देश्य जेल बंदियों से संबंधित कानूनों, उनके अधिकारों तथा उपलब्ध कानूनी एवं संस्थागत व्यवस्थाओं का अध्ययन करते हुए कानून की पुस्तकों में दर्ज प्रावधानों और जेलों में उनकी वास्तविक जमीनी स्थिति के बीच मौजूद अंतर की पहचान, परीक्षण और उसके निवारण की दिशा में व्यवस्थित कार्य करना है।

प्रोजेक्ट MISSION NEW LIFE के अंतर्गत परिषद् द्वारा जेल बंदियों की वास्तविक समस्याओं, उनके मानवाधिकारों, न्याय तक पहुंच, कानूनी सहायता, शिक्षा, स्वास्थ्य, कौशल विकास, पारिवारिक एवं सामाजिक परिस्थितियों तथा पुनर्वास से जुड़े विषयों का अध्ययन किया जाएगा। परियोजना का विशेष फोकस इस बात पर रहेगा कि कानून और नीतियों में बंदियों के लिए जो अधिकार एवं व्यवस्थाएं निर्धारित हैं, वे वास्तविक परिस्थितियों में किस स्तर तक प्रभावी रूप से लागू हो रही हैं। जहां कानून और जमीनी हकीकत के बीच अंतर सामने आएगा, वहां संबंधित विषयों का अध्ययन कर उचित कानूनी, संस्थागत एवं जागरूकता आधारित समाधान की दिशा में प्रयास किया जाएगा।

इस व्यापक कार्य को प्रभावी रूप से आगे बढ़ाने के लिए विश्व मानवाधिकार अनुसंधान परिषद् द्वारा लगभग 10,000 अधिवक्ताओं को प्रशिक्षित कर एक सशक्त एवं प्रशिक्षित कानूनी टीम का गठन किया गया है। यह टीम बंदियों से संबंधित मानवाधिकार एवं कानूनी विषयों के अध्ययन, जागरूकता, कानूनी मार्गदर्शन तथा समस्याओं के उचित स्तर पर समाधान के लिए कार्य करेगी। इस पूरी पहल को श्री सुनील कुमार गुप्ता के अनुभव एवं मार्गदर्शन में आगे बढ़ाया जाएगा। तिहाड़ जेल में विधि अधिकारी के रूप में उनके लंबे अनुभव और जेल प्रशासन, बंदियों से संबंधित कानूनी विषयों तथा व्यावहारिक चुनौतियों की गहरी समझ को देखते हुए परिषद् ने उनके मार्गदर्शन को इस परियोजना के लिए विशेष महत्व दिया है।

परिषद् का मानना है कि जेल सुधार केवल प्रशासनिक व्यवस्था का विषय नहीं, बल्कि मानवाधिकार, न्याय, सुधार और सामाजिक पुनर्वास से जुड़ा महत्वपूर्ण प्रश्न है। किसी व्यक्ति के अपराध के लिए कानून के अनुसार दंड निर्धारित हो सकता है, लेकिन दंड की अवधि के दौरान भी उसके मूल मानवाधिकार, गरिमा और कानून द्वारा प्रदत्त अधिकार सुरक्षित रहना आवश्यक है। इसी दृष्टिकोण के साथ MISSION NEW LIFE बंदियों को केवल एक कैदी के रूप में नहीं, बल्कि अधिकारों और गरिमा वाले मनुष्य के रूप में देखने तथा उनके सुधार एवं पुनर्वास के लिए सकारात्मक वातावरण तैयार करने की दिशा में कार्य करेगा।

परियोजना के अंतर्गत शिक्षा, कौशल विकास, सकारात्मक मार्गदर्शन, कानूनी जागरूकता, मानवाधिकार प्रशिक्षण, पुनर्वास तथा समाज की मुख्यधारा में पुनर्स्थापन को भी प्रमुखता दी जाएगी। परिषद् का उद्देश्य ऐसे प्रयासों को बढ़ावा देना है, जिससे जेल से बाहर आने के बाद व्यक्ति सम्मानजनक और सकारात्मक जीवन की ओर लौट सके तथा समाज में उसकी पुनर्स्थापना के अवसर मजबूत हों। इसके लिए जागरूकता कार्यक्रम, प्रशिक्षण, शोध, कानूनी मार्गदर्शन, संवाद तथा आवश्यकता के अनुसार संबंधित संस्थानों के साथ समन्वय की प्रक्रिया विकसित की जाएगी।

MISSION NEW LIFE के माध्यम से WHRRC एक ऐसी व्यवस्थित और परिणामोन्मुख व्यवस्था विकसित करने का प्रयास कर रहा है, जिसमें बंदियों की समस्याओं को केवल शिकायत के रूप में नहीं, बल्कि शोध, कानून, मानवाधिकार और जमीनी वास्तविकताओं के समन्वित अध्ययन के रूप में देखा जाए। परिषद् का प्रयास होगा कि प्राप्त अनुभवों और शोध निष्कर्षों के आधार पर उन क्षेत्रों की पहचान की जाए जहां व्यवस्था में सुधार, बेहतर क्रियान्वयन, कानूनी जागरूकता या संस्थागत हस्तक्षेप की आवश्यकता है।

इस अवसर पर परिषद् के मीडिया सेल के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ शूलपाणी सिंह ने कहा कि “MISSION NEW LIFE” केवल एक परियोजना नहीं, बल्कि उन लोगों के लिए न्याय, सम्मान, सुधार और एक नए जीवन की संभावना को मजबूत करने का प्रयास है, जो वर्तमान में जेलों में निरुद्ध हैं। WHRRC का विश्वास है कि एक संवेदनशील और न्यायपूर्ण समाज वही है, जहां कानून का पालन सुनिश्चित करने के साथ-साथ मानव गरिमा, सुधार और पुनर्वास के मूल्यों को भी समान महत्व दिया जाता है।



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