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विश्व मानवाधिकार अनुसंधान परिषद् द्वारा प्रोजेक्ट “JUSTICE FOR ALL” का शुभारंभ

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Posted by WHRRC | September 13, 2026

नई दिल्ली, 13 सितंबर 2026। वंचित, असहाय और जरूरतमंद नागरिकों को समय पर कानूनी सहायता, मार्गदर्शन एवं परामर्श उपलब्ध कराने के उद्देश्य से विश्व मानवाधिकार अनुसंधान परिषद् (WHRRC) द्वारा महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट “JUSTICE FOR ALL” का शुभारंभ किया गया। परियोजना का औपचारिक शुभारंभ मध्य प्रदेश हाईकोर्ट के पूर्व न्यायाधीश माननीय जस्टिस एच. पी. सिंह द्वारा मुख्य अतिथि के रूप में किया गया। कार्यक्रम में परिषद् के पदाधिकारियों, अधिवक्ताओं एवं मानवाधिकार कार्यकर्ताओं ने सहभागिता की।

प्रोजेक्ट JUSTICE FOR ALL का प्रमुख उद्देश्य न्याय व्यवस्था से दूर रह जाने वाले उन नागरिकों तक पहुंच बनाना है, जो कानूनी जानकारी के अभाव में अपने अधिकारों और उपलब्ध कानूनी उपायों का प्रभावी ढंग से उपयोग नहीं कर पाते। परियोजना के अंतर्गत विशेष रूप से ग्रामीण एवं दूरदराज क्षेत्रों की आबादी तक पहुंचकर कानूनी सहायता, मार्गदर्शन और परामर्श उपलब्ध कराने की व्यवस्था विकसित की जाएगी, ताकि किसी व्यक्ति को केवल जानकारी के अभाव में अपने अधिकारों से वंचित न होना पड़े।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्य अतिथि जस्टिस एच. पी. सिंह, पूर्व न्यायाधीश, मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने कहा कि देश में बड़ी संख्या में लोग कानूनी जानकारी और उचित मार्गदर्शन के अभाव में अपने मामलों का सही तरीके से निराकरण नहीं करा पाते। कई बार छोटी अथवा प्रारंभिक स्तर पर उचित कानूनी सलाह मिलने से जिस समस्या का समय रहते समाधान संभव हो सकता है, वह लंबे समय तक न्यायालयों में चलने वाले मुकदमे में परिवर्तित हो जाती है। उन्होंने कहा कि यदि नागरिकों को सही समय पर सही कानूनी जानकारी और उचित मार्गदर्शन उपलब्ध हो जाए, तो संभव है कि देश में लंबित मामलों की संख्या को कम करने में भी महत्वपूर्ण सहायता मिले।

उन्होंने कहा कि न्याय केवल न्यायालय तक पहुंचने का नाम नहीं है, बल्कि सही समय पर सही कानूनी जानकारी प्राप्त करना भी न्याय तक पहुंच का महत्वपूर्ण हिस्सा है। ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले अनेक नागरिक अपने अधिकारों, कानूनी प्रक्रियाओं और उपलब्ध उपायों से पर्याप्त रूप से परिचित नहीं होते। ऐसे में उनके बीच जाकर उन्हें जागरूक करना और आवश्यकता के अनुसार कानूनी मार्गदर्शन उपलब्ध कराना एक महत्वपूर्ण सामाजिक दायित्व है।

परिषद् के अनुसार, जानकारी के अभाव में अनेक नागरिक अपने जीवन का महत्वपूर्ण समय कोर्ट-कचहरी की प्रक्रियाओं में व्यतीत कर देते हैं। लंबे समय तक चलने वाले मामलों के कारण उन्हें आर्थिक व्यय, मानसिक तनाव और सामाजिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ सकता है। JUSTICE FOR ALL का प्रयास रहेगा कि नागरिकों को उनके प्रकरण की प्रकृति के अनुसार प्रारंभिक स्तर पर आवश्यक कानूनी जानकारी और मार्गदर्शन प्राप्त हो, जिससे वे उपलब्ध कानूनी विकल्पों को बेहतर ढंग से समझ सकें और उचित प्रक्रिया अपनाने में सक्षम बनें।

परियोजना के माध्यम से परिषद् कानूनी जागरूकता शिविर, परामर्श कार्यक्रम, प्रशिक्षण, जनसंवाद तथा आवश्यकता आधारित कानूनी मार्गदर्शन को ग्रामीण एवं वंचित क्षेत्रों तक ले जाने का प्रयास करेगी। इसके लिए अधिवक्ताओं, मानवाधिकार कार्यकर्ताओं और संबंधित विशेषज्ञों की सहभागिता सुनिश्चित की जाएगी। परिषद् का उद्देश्य किसी व्यक्ति के स्थान, आर्थिक स्थिति अथवा कानूनी जानकारी की कमी को न्याय तक पहुंच में बाधा नहीं बनने देना है।

कार्यक्रम की अध्यक्षता डॉ. शूलपाणी सिंह, राष्ट्रीय अध्यक्ष, मीडिया सेल, विश्व मानवाधिकार अनुसंधान परिषद् द्वारा की गई। उन्होंने कहा कि JUSTICE FOR ALL को केवल कानूनी सहायता की परियोजना के रूप में नहीं, बल्कि आम नागरिकों को उनके अधिकारों और कानूनी उपायों के प्रति सक्षम बनाने वाले व्यापक जन-जागरूकता अभियान के रूप में आगे बढ़ाया जाएगा। परिषद् का प्रयास रहेगा कि परियोजना के माध्यम से न्याय व्यवस्था और आम नागरिक के बीच जानकारी एवं मार्गदर्शन की उस दूरी को कम किया जा सके, जिसके कारण अनेक लोग समय पर उचित कानूनी सहायता प्राप्त नहीं कर पाते।

डॉ. शूलपाणी सिंह ने कहा कि न्याय की वास्तविक सार्थकता तभी है जब वह समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंच सके। “JUSTICE FOR ALL” इसी विचार को धरातल पर मजबूत करने की दिशा में परिषद् की एक महत्वपूर्ण पहल है, जिसके माध्यम से जरूरतमंद नागरिकों को उनके अधिकारों की जानकारी, उचित मार्गदर्शन और न्याय तक पहुंच के लिए आवश्यक सहयोग उपलब्ध कराने का निरंतर प्रयास किया जाएगा।



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